दिवंगत शिक्षक पिता का सपना किया साकार, अर्पित बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
मां के आशीर्वाद और कड़ी मेहनत से हासिल किया गौरवपूर्ण मुकाम, गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल
पौड़ी गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के पोखड़ा ब्लॉक के ग्राम हरकोट मल्ला निवासी अर्पित नेगी ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अर्पित ने 5 सितंबर को Officers Training Academy (OTA), चेन्नई में आयोजित पासिंग आउट परेड में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा।

अर्पित की यह सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने अपने दिवंगत पिता यशपाल सिंह नेगी के उस सपने को साकार किया है, जिसे उन्होंने अपने बेटे को सेना में अधिकारी के रूप में देखने के लिए संजोया था। शिक्षक रहे यशपाल सिंह नेगी ने अपने बच्चों को शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और मेहनत का महत्व सिखाया। पिता के निधन के बाद भी अर्पित ने उनके सपने को अपनी प्रेरणा बनाया और लगातार मेहनत करते हुए लक्ष्य हासिल किया।
बचपन से था सेना में अधिकारी बनने का सपना
अर्पित को बचपन से ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने की इच्छा थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा DAV Public School, कोटद्वार से हुई। सेना में अधिकारी बनने के लक्ष्य को लेकर उन्होंने निरंतर मेहनत की और चयन के बाद OTA चेन्नई में कठिन सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 5 सितंबर को पासिंग आउट परेड में उन्हें लेफ्टिनेंट के रूप में भारतीय सेना का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
मां का आशीर्वाद बना ताकत
पिता के निधन के बाद अर्पित के लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। मां के आशीर्वाद, पिता से मिले संस्कार और अपने दृढ़ संकल्प को ताकत बनाकर उन्होंने अपने सपने को पूरा किया। बेटे के लेफ्टिनेंट बनने का यह पल परिवार के लिए गर्व के साथ-साथ भावुक कर देने वाला भी रहा।
गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल
अर्पित की इस उपलब्धि से हरकोट मल्ला, पोखड़ा सहित पूरे पौड़ी गढ़वाल में खुशी और गर्व का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने अर्पित को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने न केवल अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा प्रस्तुत की है।
अर्पित की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मजबूत इरादे, मेहनत, अनुशासन और परिवार से मिले संस्कारों के दम पर कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अर्पित ने अपने दिवंगत पिता यशपाल सिंह नेगी के सपने को साकार करते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

