Dehradun DM Dr आशीष चौहान बने लाचार का सहारा

DM Dehradun परिवार की प्रताड़ना और विषम परिस्थितियों के चलते शिक्षा से वंचित हुए रुद्र प्रताप नेगी के लिए जिला प्रशासन सहारा बना है। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देश पर बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की समुचित जांच कर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने रुद्र प्रताप की सुरक्षा, पुनर्वास एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की है। प्रशासन के हस्तक्षेप से जहां रुद्र प्रताप को बाल गृह में शिफ्ट कराया गया है, वहीं उसकी शिक्षा को पुनः सुचारू करने के लिए विद्यालय से टीसी जारी करवाकर गुरु राम राय स्कूल में दाखिला भी दिलाया गया है। पारिवारिक प्रताड़ना एवं आर्थिक संकट के कारण रुद्र प्रताप की पढ़ाई प्रभावित हुई और वह विद्यालय की फीस जमा न कर पाने के कारण दसवीं की परीक्षा भी नहीं दे पाया। फीस संबंधी स्थिति के चलते पूर्व विद्यालय द्वारा टीसी जारी किए जाने में भी कठिनाई आ रही थी।

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बताया गया कि रुद्र प्रताप के पिता एवं उनके भाई द्वारा पुश्तैनी मकान बेच दिए जाने के बाद बालक के समक्ष रहने की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई और वह दर-दर भटकने को मजबूर हो गया। ऐसी परिस्थितियों में रुद्र प्रताप ने जिला प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने तत्काल प्रकरण का संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति को पूरे मामले की समुचित स्टडी एवं जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बालक की सुरक्षा, शिक्षा एवं पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति की रिपोर्ट एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जिलाधिकारी ने रुद्र प्रताप के हित में आवश्यक कदम उठाते हुए उसे बाल गृह में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध हो सके।इसके साथ ही रुद्र प्रताप की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के स्तर से पूर्व विद्यालय से टीसी जारी करवाने की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। प्रशासन के प्रयासों से रुद्र प्रताप का गुरु राम राय स्कूल में दाखिला कराया गया है। इससे उसकी शिक्षा को पुनः गति मिलने के साथ ही उसके भविष्य को बेहतर दिशा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रुद्र प्रताप की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा उसे किसी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विषम पारिवारिक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।जिला प्रशासन की इस पहल से लंबे समय से पारिवारिक एवं आर्थिक संकट से जूझ रहे रुद्र प्रताप को सुरक्षित आश्रय के साथ ही शिक्षा से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा और भविष्य प्रभावित न हो।

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