Hari Van Haridwar रहस्यमयी ‘चमगादड़ टापू’ की पूरी कहानी

Hari Van Haridwar गंगा की अविरल धारा और हर की पौड़ी के आध्यात्मिक वैभव के बीच हरिद्वार की धरती पर कई ऐसे कोने मौजूद हैं, जिनकी दास्तान आज भी कौतूहल जगाती है. आधुनिकता की दौड़ में जहां कंक्रीट के पुल तन गए और घने जंगल मैदानों में तब्दील हो गए, वहीं एक नाम आज भी लोकस्मृति में जस का तस दर्ज है ‘चमगादड़ टापू’. न अब वो घने पेड़ रहे, न दिन के उजाले में लटकते हजारों चमगादड़, मगर किस्सों की जुबानी यह इलाका आज भी अपनी सदियों पुरानी पहचान को सीने से लगाए खड़ा है.

नगर निगम द्वारा जारी एजेंडे के अनुसार, शहर के विभिन्न स्थलों को नए और आध्यात्मिक रूप से उपयुक्त नाम दिए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है:

Hari Van Haridwar- इन इलाकों के बदले नाम

  • चमगादड़ टापू का नया नाम ‘गंगा द्वीप’
  • रोड़ी बेलवाला का नाम बदलकर ‘हरि वन’
  • गड्ढा पार्किंग का नया नाम ‘अलकनंदा पार्किंग’
  • उत्तम बस्ती को ‘उत्तम नगर’ के रूप में पहचान
  • कबाड़ी बस्ती का नाम बदलकर ‘सुंदर बस्ती’

Hari Van Haridwar- निगम के विभिन्न अदालती मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए एक समर्पित ‘विधि प्रकोष्ठ’ (Legal Cell) के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, शहर में किन्नर समुदाय द्वारा लिए जाने वाले बधाई शुल्क के सही निर्धारण और नियमन के लिए विशेष उपविधि (By-laws) बनाने पर भी विचार किया जाएगा।

Hari Van Haridwar

Hari Van Haridwar- धर्मनगरी हरिद्वार के गंगा घाटों और ऐतिहासिक रास्तों के बीच कई ऐसे स्थान हैं, जिनके नाम सुनते ही हर किसी के मन में गहरा कौतूहल जाग उठता है. हर की पौड़ी के पास एक बड़ा मैदान आज भी आम बोलचाल की भाषा में चमगादड़ टापू के नाम से जाना जाता है. समय बदलने के साथ इस जगह की भौगोलिक स्थिति भी बदल चुकी है और समय के साथ हुए विकास से पूरी जगह का नक्शा बदल गया है. परिंदे उड़ गए, जंगल कम हो गए लेकिन कई दशकों पुराना नाम चमगादड़ टापू आज भी अमर है. आखिर कैसे पड़ा इस जगह का नाम चमगादड़ टापू ?

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